दोस्त ने मेरी बीबी को घोड़ी बनाकर उसकी गांड मारी-3

Dost ne Meri Biwi ko Ghodi Banakar Uski Gaand Mari-3

जब बिलाल के लंड ने माल निकलने का सन्देश दिया तब उसने मालिनी को आँखों ही आँखों में इशारा किया मालिनी ने लंड को मुँह से जकड़ लिया और उसी समय बिलाल के लंड ने पिचकारी मार दी करीब करीब डेढ़ कटोरी १५०ग्राम गाढ़ा, चिपचिपा मीठा सा वीर्य मालिनी के मुँह में और गले में उतर गया बिलाल धीरे धीरे झटके देते हुए बचा हुए माल को मालिनी के मुह में डालने लगा उसका माल मालिनी के मुँह में समा नहीं पा रहा था, मालिनी ने पास पड़ी एक खली गिलास को अपने हाथो में लिया और जैसे ही बिलाल ने अपना लंड मालिनी के मुँह से बाहर निकाला तो उसका माल निचे गिरने हुआ जिसे मालिनी ने गिलास में गिरा दिया साथ ही उसने अपने मुह का माल भी गिलास में उगल दिया, बिलाल का माल गिलास में बनाना शेक की तरह लग रहा था जिसे मालिनी सिप सिप कर के पिने लगी.

कुछ माल मालिनी की चूची पर भी गिरा था कुछ माल बिलाल के अंडकोषों पर लगा था तथा कुछ माल अभी भी बिलाल के लंड पर था मालिनी ने लंड को पकड़ते हुए बिलाल के अंडकोषों को चाटने लगी उसके बाद उसने बिलाल के सुपाड़े को चाटकर साफ किया फिर उसने अपनी चूची पर से भी बिलाल के वीर्य को उंगलियों से लेकर चाटने लगी, कुछ ही क्षणो में बिलाल का पूरा वीर्य चाट कर साफ कर दी उसने अपनी जीभ को अपने ओठों पर फिराकर बिलाल के वीर्य की एक एक बून्द चटकारे लेकर चाटते लगी बिलाल का लंड एक बार झड़ने के बाद भी किसी बांस की माफिक तन खड़ा था वैसे भी बिलाल काफी बड़ा चोदु था बिना मालिनी की चुत या गांड मरे उसका लंड ढीला पड़ने वाला नही था.

मालिनी ने उस तने हुए लंड को देखा तो उसकी चुदास और बढ़ गयी उसने अपने दोनों हाथ अंगड़ाई लेने के लिए ऊपर उठाये ही की बिलाल ने बाहों में भर दिया दोनों पागल प्रेमियों की छाती से छाती मिली.
मालिनी की चुचिया बिलाल के सिने से दब कर रह गयी बिलाल जोर जोर मालिनी के ओंठो को चूसने, काटने लगा वो मालिनी की पीठ पर हाथ फिरा रहा था, मालिनी उसके लंड पर बैठी थी उसका लंड किसी बच्चे की टांग जितना मोटा था, अचानक बिलाल ने मालिनी को पलटा दिया और उसे घोड़ी बनने को कहा, मालिनी समझ गयी की शर्त पूरी होने का टाइम आ गया है, वो थोड़ी डर भी रही थी क्योकि बिलाल बहुत बुरी तरह गांड मारता था.

मालिनी ने अपने दोनों हाथो का सहारा लेते हुए घोड़ी बन गयी मैं समझ गया की बिलाल अब मेरी बीबी की गांड बजाने वाला है, गांड के दो बड़े बड़े गुम्बद काफी आकर्षित करने वाले थे उस्मान से लगातार चुदने और गांड मराने के कारन मालिनी की गांड काफी बड़ी हो गयी थी, मालिनी की बहार की ओर निकली गांड को बिलाल बड़े प्यार से देख रहा था वो मालिनी से बोला – मैंने पता नही आज तक कितनी गांडे देखि है और कई मारी भी है, तेरी गांड जैसी खुबसूरत गांड तो मैंने सपने भी नहीं देखा, प्लीज आज मुझे तेरी गांड को बुरी तरह चोदना चाहता हूँ, मैं तेरी गांड मार मार कर उसकी धज्जी उडाना चाहता हूँ. मालिनी हसने लगी और बोली – मैंने कब मना किया है, जैसे चाहे वैसे उपयोग करो आज रात ये गांड, चुत, चुचिया और सारा बदन तुम्हारा ही है जो चाहे वो करो आज मेरी गांड और चूत को अपने गाढ़े गाढ़े वीर्य से भर तू यदि चाहता है तो अपना बीज भी मेरे पेट में डाल कर गाभिन कर दे.

इनता सुनना था की बिलाल ने मालिनी के कुल्हो को अपने खुरदुरे हाथो में पकड़ कर जोर से भींच दिया मालिनी ने जोर से सिसकारी ली वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी, बिलाल का लंड उसकी गांड में जाने वाला है ये सोच कर ही मालिनी की चुत से चाशनी सी गिरने लगी थी, वो बिलाल से धीरे से बोली – आआआह्हह मेरी जान जरा चांटा तो लगाओ, इतना सुनना था की बिलाल ने जोश में आकर उसकी गांड पर जोर जोर से चांटे लगाने लगा, हर चांटे के गांड पर पढ़ते ही मालिनी आआआआआआह्हह्हह्हाआआआअ उफ्फ्फ्फफफ्फ्फ्फ़ की आवाजे निकाल रही थी, बिलाल ने पांच मिनट में ही मालिनी की गोरी गोरी गांड को चांटे मार मार कर लाल कर दिया था, मालिनी की चुत से गिरता चुतरस अब एक तार की चाशनी की शक्ल में निचे गिरते हुए जमा होने लगा जिसे बिलाल अपनी उंगलियों में लेकर बिच बिच में चाट लेता था.

अचानक बिलाल मालिनी की गांड को अपने दोनों से फ़ैलाने लगा कुछ ही देर में गांड का भूरा सा, प्यारा सा छेद उसकी आँखों के सामने था, उसने उसको चूम लिया बिलाल ने मालिनी की गांड के छेद में मुँह लगाकर उसको चाटना चालू कर दिया साथ ही साथ ही वह अपनी ऊँगलीयो से मालिनी की चुत चोद रहा था मालिनी के लिए या बर्दाश्त के बहार था और करीब ७-८ मिनट में वो सिसकारी लेने लगी अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह! एससससस! ओ याआआअ करते हुए मालिनी फिर से झड़ने लगी, मालिनी की निकलते हुए चुत रस को बिलाल ने उसकी चुत में अपनी जीभ लगाकर चाट लिया फिर वो मालिनी के कूल्हे को अपने दांतों से काटने लगा वो मालिनी की नंगी पीठ पर अपनी जबान से चाटने लगा साथ ही वो अपना लंड मालिनी के गांड के छेद पर भी रगड़ने लगा. बिलाल मालिनी की गांड को फैला कर उसमे अपनी जीभ घुसाकर फिर से चाटने लगा मालिनी के लिए उत्तेजित करने वाला क्षण था, उसने उसकी गांड को थूक से सरोबर कर दिया और बोला – बोला बस जान अब प्यार के दर्द पाने के लिए तैयार हो जाओ मालिनी ने सर हिला कर हामी भर दी.

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तब उसने अपने अपने लंड पर तेल लगाया, मालिनी की गांड तो उसके थूक से सरोबार ही थी. फिर उसने अपना लंड मालिनी की गांड पर टिकाया और ज़ोर लगाया, बिलाल का लंड काफी मोटा था जिस कारण पहली बार मे लंड फिसल गया, मुझे आश्चर्य हुआ की इतनी मरी मराई गांड होने के बाद भी बिलाल का लंड मालिनी की गांड में पहली बार में नही घुसा, तब उसने दोबारा अपने लंड को मालिनी की गांड के छेद पर टिकाया और एक तेज़ झटका मारा। इस बार उसके लंड का सुपाड़ा मालिनी की गांड के अंदर चला गया, मालिनी जोर से उछली (मैं समझ गया की मालिनी का पाला एक बहुत खतरनाक लंड से पड़ा है) और उसके मुह से हल्की सी चीख भी निकल गयी.

.उईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई…. मरररररररर…….. ग्यीईईईईए निकालो इसे, पर बिलाल ने मालिनी के कंधे पकड़ लिए और दूसरा झटका मारा। अब उसका एक चौथाई लंड मालिनी की गांड के अंदर था। मालिनी की आँख से आंसू निकल गये
बिलाल ने मालिनी के गाल की पप्पी ली और फिर से थोड़ा पीछे होकर फिर एक बार जोरदार धक्का मारा इस बार लंड आधे से ज्यादा अंदर चला गया. बिलाल ने दोनों हाथो से मालिनी के बालो की चोटी को पकड़ कर उसका सर उठाकर चौथा धक्का लगाया, इस धक्के को मालिनी सहन नहीं कर पायी और वो आगे की और हो गयी, पर बिलाल ने मालिनी के बालो को पकड़ा होने से वो गिर नहीं पायी इस धक्के से बिलाल का पूरा का पूरा लंड मालिनी की गांड की जड़ तक घुस गया. अब बिलाल तेज तेज धक्के मारने लगा, मालिनी की चीखे अब सिसकारिओ में बदल गयी मालिनी के मुँह से म्म्म्मममाआ…. आाआआईयईईईईईई….. उईईईईईईईईईईईईईईईईईईई…. आह.. उई.. आह… एम्म्म..

आआहह… मररररररर…… ग्यीईईईईएआह.. अहह.. आह.. उईईईईईई.. आआआआआआआहह ऐसी आवाजे निकल रही थी वो भी अब बिलाल का भरपूर साथ देते हुए मजे ले रही थी. पूरे कमरे में फूच.. पच्च पच्च पच.. पकक्कककच… पच.. पच.. की आवाज़ें आने लगी
बिलाल अब जोर जोर से और गहरे गहरे धक्के लगाने लगा करीब सवा घंटे के तक बिलाल मालिनी की गांड मारता रहा, अब वो भी मजे लेते हुए आआआ उम्म्मम्मम्मम्म बस मेरी जान मैं भी आ रहा हूँ,

फिर १०-१२ झटकों के बाद उसने और उसके बाद उसके लंड ने माल निकलने का संकेत दे दिया वो थोड़ी देर के बाद जोर जोर से आवाजे करते हुए मालिनी की गांड में झड़ने लगा, इस बिच मालिनी भी ३ बार झड़ चुकी थी, बिलाल ने अपने वीर्य से मालिनी की गांड को लबालब भर दिया था.
बिलाल ने मालिनी को अपने से पूरी तरह चिपका कर रखा उसका लंड अभी भी मालिनी की गांड में ही था, ऐसा लग रहा था मानो किसी ने मालिनी की गांड में खूंटा गाड़ दिया हो दोनों ऐसी अवस्था में १० मिनट पड़े रहे, फिर बिलाल ने धीरे से मालिनी की गांड में से अपना लंड निकाला, लंड अब भी विकराल था पर वो अब थोड़ा ढीला हो गया था, मालिनी थक कर सो चुकी थी, उसकी गांड से बिलाल का काफी वीर्य बाहर आ रहा था, मालिनी की गांड और चौड़ी हो गयी थी, उसकी गांड का छेद अब और भी बड़ा दिख रहा था.

बिलाल बहुत खुश था की आखिर उसने पहली बार किसी औरत की गांड तस्सली से मारी थी, हालाँकि मालिनी इस गांड मराई में बुरी तरह थक चुकी थी पर उसने भी बहुत मजे लिए थे.
मेरी कहानी पढ़कर जिन लंडधारियों ने अपना अपना लंड हिलाया होगा और जिन भी माताए, बहने और भाभियों ने अपनी चुत में ऊँगली की हो वो मुझे मेल द्वारा सूचित करे, मेरा मेल है [email protected]
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