Cricketer Venkatesh Iyer Head Injury, What Should You Do Immediately After A Head Injury – जानना जरूरी: क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर को सिर में लगी चोट, जानिए कितनी गंभीर होती है ऐसी चोट, तुरंत क्या करें?

स्पोर्ट्स इंजरी यानी कि खेल के दौरान लगने वाली चोट कुछ स्थितियों में काफी गंभीर हो सकती है, विशेषतौर पर यदि यह चोट सिर पर लगी हो तो इसके कारण कई तरह की गंभीर जटिलताओं का जोखिम हो सकता है। हाल ही में दलीप ट्रॉफी मैच के दौरान क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर को सिर पर चोट लग गई, आनन-फानन में मैदान में एम्बुलेंस बुलानी पड़ी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैच के दौरान थ्रो सीधे वेंकटेश के सिर पर लग गई जिसके कारण वह चोटिल हुए हैं। डॉक्टर्स इस प्रकार की सिर पर लगी चोट को काफी गंभीर मानते हैं। फिलहाल वेंकटेश ठीक हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिर का हिस्सा शरीर को सबसे संवेदनशील अंगों में से एक होता है, इसपर लगने वाली चोट की स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। कुछ स्थितियों में इसे जानलेवा भी माना जाता है, यही कारण है कि सभी लोगों को सिर को लगातार सुरक्षित रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है।

आमतौर पर चोट की स्थिति में खोपड़ी, हमारे मस्तिष्क को गंभीर नुकसान से बचा लेती है, हालांकि यदि चोट की तीव्रता अधिक है तो इससे मस्तिष्क को भी क्षति होने का जोखिम होता है।

सिर की चोट पर दें गंभीरता से ध्यान

जॉन्स हॉप्किंस की एक रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनियाभर में कई कारणों से सिर की चोट के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। लगभग 17 लाख लोगों को हर साल ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी होती है। इसमें से ज्यादातर लोगों की स्थिति इसलिए भी गंभीर रूप ले लेती है क्योंकि उन्हें समय पर इसका इलाज नहीं मिल पाता है।

सिर पर लगी चोट की स्थिति में हेमाटोमा या फिर हैमरेज की समस्या का खतरा अधिक होता है। हेमेटोमा रक्त वाहिकाओं के बाहर खून का थक्का जमने की स्थिति है। मस्तिष्क में हेमेटोमा होने पर यह बहुत गंभीर हो सकता है। वहीं हैमरेज, चोट के कारण नसों के फटने के कारण होने वाली रक्तस्राव की समस्या है। इन दोनों ही स्थितियों में तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

सिर पर चोट के लक्षण

हमारे सिर में, शरीर के किसी भी हिस्से की तुलना में अधिक रक्त वाहिकाएं होती हैं, इसलिए चोट की स्थिति में मस्तिष्क की सतह पर या इसके भीतर रक्तस्राव होना काफी खतरनाक माना जाता है। मस्तिष्क की गंभीर चोट के कई लक्षण तुरंत नहीं दिखते हैं। सिर में हल्की चोट लगने के बाद भी इन लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। सरदर्द, चक्कर आना, हल्के भ्रम की स्थिति, जी मिचलाना या कानों का बजना सामान्य है। वहीं गंभीर चोट की स्थिति में कई अन्य तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

  • चेतना हानि।
  • झटके आना या उल्टी होना।
  • शारीरिक संतुलन या समन्वय की दिक्कतें।
  • ध्यान केंद्रित करने में असमर्थता।
  • मांसपेशियों पर नियंत्रण न बन पाना।
  • लगातार या गंभीर सिरदर्द
  • बेहोशी या कोई प्रतिक्रिया न देना।
सिर की चोट का इलाज

सिर पर लगी चोट का इलाज, चोट के प्रकार और गंभीरता दोनों पर निर्भर करता है। कुछ स्थितियों में सामान्य दवाइयों और पट्टी से भी आराम मिल जाता है। हालांकि अगर जांच में गंभीर स्थिति के बारे में पता चलता है तो इस स्थिति में सर्जरी और आईसीयू की भी आवश्यकता हो सकती है। सिर पर चोट लगने के बाद अधिक खून बहने की स्थिति में लक्षणों के गंभीर रूप लेने का भी जोखिम हो सकता है। इसलिए चोट हल्की हो या गंभीर डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

सिर पर चोट लगने पर तुरंत क्या करें?

इमरजेंसी केयर के डॉक्टर राकेश सिंह बताते हैं, सिर की चोट की स्थिति में होने वाली मौतों का प्रमुख कारण रोगी का अधिक खून बह जाना या फिर समय पर इलाज न मिल पाना होता है। यदि किसी को सिर पर चोट लग जाए तो हमेशा सिर को रीढ़ की सीध में रखें और हिलने-डुलने से बचाएं। यदि घाव है तो साफ कपड़े से उसे मजबूती से दबाकर रक्तस्राव को रोकने की कोशिश करें और तुरंत किसी नजदीकी अस्पताल पहुंचें। एक्सीडेंट्स की चोट की स्थिति में रोगी को ज्यादा पानी न पिलाएं, चेतना की कमी के कारण पानी फेफड़ों में जा सकता है। जितनी जल्दी अस्पताल पहुंच जातें है स्थिति को गंभीर होने से बचाने में मदद मिल सकती है। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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