Fraud Of Rs 16 Lakh In The Name Of Getting A Job – नौकरी दिलाने के नाम पर 16 लाख रुपया ठगे

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करहल। थाना कुर्रा क्षेत्र के रुरी गांव निवासी एक व्यक्ति से जालसाजो ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये ठग लिया। कई बार मांगने पर भी जब रुपया नहीं लौटाया तो पीड़ित ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुर्रा थाना क्षेत्र के रुरी गांव निवासी मनकेंद्र कुमार ने बताया कि कस्साबान मोहल्ला निवासी अबरार हुसैन और उसके भाई नौशाद कुरैशी के ससुर शहजाद हसन की सुभाष गेट के पास दुकान है। बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात नौशाद से हुई, बातचीत के दौरान उसने मनकेंद्र को बताया कि वह कई युवकों की नौकरी लगवा चुके हैं। एक माह में वेयर हाउस में कुछ लड़के और चाहिए, उसे नौकरी लगवाने का झांसा देकर बातों में ले लिया। इसके बाद एक दिन नौशाद अपने भाई इरशाद, मुकीम, फईम व ससुर शहजाद को अबरार की दुकान पर लेकर आया। उसे बताया कि कोर्ट के जरिए उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए छह लाख रुपया की फीस जमा होगी। ज्वाइनिंग के बाद उसके खाता में करीब 17 लाख रुपया का वेतन आ जाएगा। मनकेंद्र के साथ उसके ससुर चंद्रपाल भी उनकी बातों में आ गए। छह लाख रुपया देने के बाद फतेहपुर ले जाकर फर्जी डॉक्टरी कराई, ज्वाइनिंग लेटर आदि भी दे दिया। जब वह बताई जगह पर पहुंचा तो पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। ठगों ने मनकेंद्र के साले को नौकरी दिलाने के लिए उसके ससुर से 10 लाख रुपये ले लिया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।

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करहल। थाना कुर्रा क्षेत्र के रुरी गांव निवासी एक व्यक्ति से जालसाजो ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर 16 लाख रुपये ठग लिया। कई बार मांगने पर भी जब रुपया नहीं लौटाया तो पीड़ित ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

कुर्रा थाना क्षेत्र के रुरी गांव निवासी मनकेंद्र कुमार ने बताया कि कस्साबान मोहल्ला निवासी अबरार हुसैन और उसके भाई नौशाद कुरैशी के ससुर शहजाद हसन की सुभाष गेट के पास दुकान है। बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात नौशाद से हुई, बातचीत के दौरान उसने मनकेंद्र को बताया कि वह कई युवकों की नौकरी लगवा चुके हैं। एक माह में वेयर हाउस में कुछ लड़के और चाहिए, उसे नौकरी लगवाने का झांसा देकर बातों में ले लिया। इसके बाद एक दिन नौशाद अपने भाई इरशाद, मुकीम, फईम व ससुर शहजाद को अबरार की दुकान पर लेकर आया। उसे बताया कि कोर्ट के जरिए उसकी सरकारी नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए छह लाख रुपया की फीस जमा होगी। ज्वाइनिंग के बाद उसके खाता में करीब 17 लाख रुपया का वेतन आ जाएगा। मनकेंद्र के साथ उसके ससुर चंद्रपाल भी उनकी बातों में आ गए। छह लाख रुपया देने के बाद फतेहपुर ले जाकर फर्जी डॉक्टरी कराई, ज्वाइनिंग लेटर आदि भी दे दिया। जब वह बताई जगह पर पहुंचा तो पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी है। ठगों ने मनकेंद्र के साले को नौकरी दिलाने के लिए उसके ससुर से 10 लाख रुपये ले लिया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।

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