How To Teach Manners To Children’s Know Tips And Tricks For Child Values In Hindi Here – Parenting Tips: बच्चों को बनाना है संस्कारी, तो माता-पिता अपनाएं ये टिप्स

Parenting Tips: हर माता पिता अपने बच्चे से बहुत अधिक प्रेम करते हैं। अभिभावक हमेशा चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ और सुखी रहे। बच्चे की खुशियों के लिए वह उनकी लगभग सभी मांगें भी पूरी करना चाहते हैं। इसके अलावा उनके उज्जवल भविष्य के लिए अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते हैं। लेकिन अक्सर माता पिता बच्चे के प्रेम में कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं, जो बच्चे के व्यवहार पर दुष्प्रभाव डालता है। बच्चे के पालन पोषण के दौरान उनकी हर जरूरत को पूरा करने के साथ ही बड़ी छोटी मांगों को पूरा करना, उनकी गलतियों को नजरअंदाज करना, उनके जिद्दी और गुस्सैल रवैए को बिना रोक टोक अपना लेने से बच्चा बिगड़ने लगता है और उसका भविष्य भी खराब होने लगता है। ऐसे में माता पिता को चाहिए कि वह बचपन से बच्चे को संस्कार और अनुशासन सिखाएं, ताकि बच्चा एक आदर्श इंसान, अच्छा बेटा और सफल नागरिक बन सके। चलिए जानते है कि बच्चे को संस्कारी और अनुशासित बनाने के लिए अभिभावक को क्या करना चाहिए।

बड़ों से अनुमति लेना सीखें

बच्चे अगर अपने मन मुताबिक कार्य करना चाहते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं लेकिन छोटी उम्र में उन्हें सही गलत का पता नहीं होता। ऐसे में मन मर्जी से किया हुआ कार्य गलत राह पर भी ले जा सकता है। इसलिए माता पिता को बच्चों में शुरुआत से पूछकर कार्य करने की आदत डलवानी चाहिए। भोजन करने से पहले माता पिता की अनुमति, बाहर खेलने जाने के लिए माता पिता की अनुमति लेनी चाहिए। बड़ों से पूछने की आदत डालना बच्चों को संस्कारी बना देता है। हालांकि अभिभावकों को भी बच्चों की पसंद और इच्छा का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में बच्चे अनुमति मांगे तो माता पिता को उनकी सलाह लेनी चाहिए कि वह क्या करना चाहते हैं।

गलती पर रोकें

अक्सर बच्चे गलती पर रोके न जानें, डांट न पड़ने और अधिक लाड प्यार के कारण बिगड़ते हैं। छोटी उम्र में जब बच्चे तोतली जुबान से बड़ों के नाम लेते हैं तो सभी को अच्छा लगता है। लेकिन बच्चे को उसी उम्र में रोकें कि वह बड़ों के नाम से नहीं बल्कि रिश्ते के संबोधन से ही बुलाएं। बच्चे की गलतियों पर हंसने या उसे इग्नोर करने के बजाय पहली बार ही अगर माता पिता बच्चे को टोंक देंगे तो वह गलती नहीं दोहराएगा।

सभी का सम्मान करें

बच्चों को संस्कार सिखाने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें बड़ों और अपने से छोटों का सम्मान करना सिखाएं। अगर बच्चा सम्मानपूर्वक कोई बात न पूछे, रोए- चिल्लाए और पैर पटक कर बात करे, तो अपना फैसलना न बदलें। बल्कि उन्हें समझाएं कि इस तरह के उनकी कोई बात नहीं मानी जाएगी। किसी भी कार्य को सही तरीके से करने के लिए उन्हें सभी को सम्मान देना चाहिए। इस बात का पाठ पढ़ाने से बच्चा अपने गलत व्यवहार को बदल सकता है।

चिल्लाकर या क्रोध में बात न करें

अक्सर छोटे बच्चे अपनी बात मनवाने के लिए चिल्लाकर बात करते हैं। लाड प्यार के कारण क्रोध करना सीख जाते हैं और किसी से भी क्रोध में बात करने लगते हैं। अगर उनके चिल्लाने या गुस्सा करने से आप उनकी बातें मान लेते हैं तो बच्चा हर बार यही व्यवहार करता है। बचपन में तो इस तरह का व्यवहार संभाला जा सकता है लेकिन बड़े होने पर भी बच्चे में क्रोध और चिल्ला कर बात पूरी कराने की आदत बन सकती है। इसलिए उन्हें गुस्से पर नियंत्रण करना सिखाएं।

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