Hsgpc’s Exercise Intensified To Take Over The Operation Of Gurdwaras – गुरुद्वारों का संचालन हाथ में लेने को एचएसजीपीसी की कवायद तेज

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चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने हक में फैसला सुनाए जाने के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) अब प्रदेश के गुरुद्वारों की कमान अपने हाथ में लेने की कवायद में जुट गई है। शुक्रवार को एचएसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बैठक की। बैठक में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से प्रदेश के गुरुद्वारों का संचालन एचएसजीपीसी को वापस लेने से लेकर आगामी रणनीति को लेकर भी मंथन किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिखों की वैचारिक फतेह है। इस मामले में हरियाणा सरकार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मदद करेगी।
एचएसजीपीसी के पूर्व प्रधान जगदीश झिंडा, सरदार भूपेंद्र सिंह, बाबा सुखदेव, संत बाबा गुरमीत सिंह, हरपाल सिंह, रणवीर सिंह, हरप्रीत सिंह नरूला, जरनैल सिंह, जगदेव सिंह गाबा समेत समाज के लोग हरियाणा निवास पहुंचे। उनके साथ करनाल से सांसद संजय भाटिया भी पहुंचे। पहले समाज के लोगों ने मौजूदा स्थिति पर मंथन किया और आगामी रणनीति तैयार की। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बैठक की। बैठक में झिंडा ने कहा कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने अलग कमेटी के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी की, इसी कारण आज हरियाणा के सिखों को अपना हक मिल सका है। उन्होंने कहा कि सब कुछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए फैसले के अनुसार होगा और हर कार्य कानून के दायरे में रह कर ही होगा।
पहले हो चुका खूनी संघर्ष, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
गुरुद्वारों के संचालन को लेकर किसी भी प्रकार के तनाव और विवाद से बचने के लिए सरकार ने खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। साथ ही प्रदेश के गुुरुद्वारों के बाहर पुलिस तैनात कर पुख्ता प्रबंध किए हैं। सुरक्षा कर्मचारी तमाम गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संघर्ष शुरू किया था। उस समय हरियाणा के कई गुरुद्वारों में प्रबंधन की कमान लेने के लिए खूनी संघर्ष भी हुआ था।
सरकार ने अच्छे की पैरवी : मनोहर लाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सिखों की भावनाओं की कद्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा में अलग से शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के केस की अच्छे से पैरवी की। जब पटना साहिब व दिल्ली राज्य की अलग से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बन सकती हैं तो हरियाणा की क्यों नहीं। यहां के गुरुद्वारों का भी इतिहास रहा है, हमारे कई सिख गुरु इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों में कभी न कभी अवश्य आएं हैं।

चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने हक में फैसला सुनाए जाने के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) अब प्रदेश के गुरुद्वारों की कमान अपने हाथ में लेने की कवायद में जुट गई है। शुक्रवार को एचएसजीपीसी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बैठक की। बैठक में शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से प्रदेश के गुरुद्वारों का संचालन एचएसजीपीसी को वापस लेने से लेकर आगामी रणनीति को लेकर भी मंथन किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सिखों की वैचारिक फतेह है। इस मामले में हरियाणा सरकार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की मदद करेगी।

एचएसजीपीसी के पूर्व प्रधान जगदीश झिंडा, सरदार भूपेंद्र सिंह, बाबा सुखदेव, संत बाबा गुरमीत सिंह, हरपाल सिंह, रणवीर सिंह, हरप्रीत सिंह नरूला, जरनैल सिंह, जगदेव सिंह गाबा समेत समाज के लोग हरियाणा निवास पहुंचे। उनके साथ करनाल से सांसद संजय भाटिया भी पहुंचे। पहले समाज के लोगों ने मौजूदा स्थिति पर मंथन किया और आगामी रणनीति तैयार की। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बैठक की। बैठक में झिंडा ने कहा कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने अलग कमेटी के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी की, इसी कारण आज हरियाणा के सिखों को अपना हक मिल सका है। उन्होंने कहा कि सब कुछ सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए फैसले के अनुसार होगा और हर कार्य कानून के दायरे में रह कर ही होगा।

पहले हो चुका खूनी संघर्ष, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

गुरुद्वारों के संचालन को लेकर किसी भी प्रकार के तनाव और विवाद से बचने के लिए सरकार ने खुफिया एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। साथ ही प्रदेश के गुुरुद्वारों के बाहर पुलिस तैनात कर पुख्ता प्रबंध किए हैं। सुरक्षा कर्मचारी तमाम गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2014 में हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन अपने हाथ में लेने के लिए हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संघर्ष शुरू किया था। उस समय हरियाणा के कई गुरुद्वारों में प्रबंधन की कमान लेने के लिए खूनी संघर्ष भी हुआ था।

सरकार ने अच्छे की पैरवी : मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार ने सिखों की भावनाओं की कद्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा में अलग से शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के गठन के केस की अच्छे से पैरवी की। जब पटना साहिब व दिल्ली राज्य की अलग से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बन सकती हैं तो हरियाणा की क्यों नहीं। यहां के गुरुद्वारों का भी इतिहास रहा है, हमारे कई सिख गुरु इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों में कभी न कभी अवश्य आएं हैं।

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