Liver Damage Early Symptoms In Hindi, Jaundice And Loss Of Appetite Sign Of Liver Damage – सावधान: पैरों में सूजन या बार-बार पीलिया होना लिवर फेलियर का हो सकता है संकेत, लक्षणों पर गंभीरता से दें ध्यान

लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, संपूर्ण शरीर को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए लिवर को स्वस्थ रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। रक्त में रासायनिक स्तर को नियंत्रित करने के साथ, पित्त के उत्पादन के माध्यम से भोजन के पाचन को ठीक रखने के लिए लिवर का बेहतर तरीके से काम करते रहना जरूरी है। पेट और आंतों से निकलने वाला सारा खून लीवर से होकर गुजरता है। ऐसे में शरीर के इस अति महत्वपूर्ण अंग में आने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है। दुर्भाग्यवश पिछले कुछ वर्षों में लिवर की समस्याएं काफी तेजी से बढ़ती हुई देखी गई हैं। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर की बीमारियों की अगर शुरुआत में ही पहचान कर ली जाए तो लिवर फेलियर या फिर अन्य गंभीर समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। हालांकि ज्यादातर मामलों में इसके शुरुआती संकेतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है जिसके कारण लिवर की सेहत समय के साथ बिगड़ती जाती है और यह गंभीर रूप ले सकती है।

डॉक्टर्स ने उन संकेतों के बारे में बताया है जिनपर समय पर ध्यान देकर लिवर की गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं।

बार-बार पीलिया होना खतरनाक

क्या आपको भी अक्सर पीलिया की दिक्कत बनी रहती है? अगर हां तो सावधान हो जाएं इसे भी लिवर की सेहत के लिए खतरनाक संकेत माना जाता है। पीलिया, लिवर की समस्याओं के सबसे आम लक्षणों में से एक है। रक्त में बिलीरुबिन बढ़ने के कारण लिवर की कोशिकाओं को क्षति होने लगती है, अगर आपको यह दिक्कत बनी रहती है तो इसे गंभीरता से लेकर जांच कराएं, इसे लिवर की गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।

भूख न लगना

लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे लिवर फेलियर आदि की स्थिति में पाचन तंत्र में समस्या आ जाती है, यह स्थिति रक्त वाहिकाओं में विषाक्तता बढ़ने का भी कारण हो सकती है। लिवर की गंभीर बीमारियों के कारण भूख को नियंत्रित करने वाले दो हार्मोन लेप्टिन और ग्रेलिन के स्तर में भी असंतुलन हो जाता है जिसके कारण आपको भूख कम लगने का अनुभव हो सकता है। इस स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देते हुए किसी डॉक्टर से जांच जरूर करा लेनी चाहिए।

अंगों में सूजन बना रहना

लिवर की बीमारी के कारण शरीर के कई अंगों में सूजन बने रहने की दिक्कत हो सकती है। विशेषतौर पर इस स्थिति में पैरों और चेहरे में सूजन आ जाती है। लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों के पैरों,और पेट में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। यह द्रव कुछ स्थितियों में आंत और लिवर की सतह से लीक हो सकता है जिससे जलोदर हो का जोखिम होता है। अंगों में सूजन बनी रहती है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।

मुंह का अक्सर सूखना

लिवर की बीमारी से पीड़ित लोगों में आंखों और मुंह में सूखेपन की दिक्कत बनी रह सकती है। यह ऑटोइम्यून स्थिति के कारण होने वाली दिक्कत हो सकती है जिसमें लिवर में पित्त नलिकाओं में धीरे-धीरे क्षति होने लगती है। इसके अलावा लिवर की बीमारी वाले कुछ लोगों को नींद न आने की समस्या भी अक्सर बनी रहती है। इस तरह की समस्याओं का अनुभव होता है तो तुरंत डॉक्टर से मिले, स्थिति की समय रहते पहचान करने से गंभीर बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

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