Oh Ram Such A Situation In Nutrition Month – हे राम! पोषण माह में ऐसा हाल

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हे राम! पोषण माह में ऐसा हाल
किसी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं मिली तो किसी में लटका मिला ताला
गांव में पोलियो ड्राप पिला रही थीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
पोषण माह में होने वाली गतिविधियां होती नहीं दिखीं
महराजगंज। सितंबर में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, लेकिन सोमवार को सदर और निचलौल तहसील के चार आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल करने पर ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। कहीं सहायिका मिलीं तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं। कहीं केंद्र बंद मिला तो कहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में पोलियो ड्राप पिलाते मिलीं। एक केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तबीयत खराब होने की वजह से घर चली गईं थीं। एक केंद्र पर सहायिका बरामदे में बैठी थीं। उन्हें नहीं पता था कि पोषण माह चल रहा है।
जिले में 3,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह से छह साल तक के कुल 2.31 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 68,265 बच्चे कुपोषित हैं। इसमें भी 10,597 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में हैं। यदि पड़ताल किए गए चार आंगनबाड़ी केंद्रों जैसा ही हाल अधिकतर केंद्रों का होगा तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से पोषण माह मनाया जा रहा है।
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आंगनबाड़ी केंद्र पिपरपाती : समय सुबह 10:50 बजे
पोलियो की दवा पिलाती मिलीं कार्यकर्ता
आंगनबाड़ी केंद्र में एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। बरामदे में बैठी सहायिका विमलेश तिवारी ने बताया कि इस केंद्र में दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तैनाती है। इस समय सभी गांव में पोलियो का ड्रॉप पिला रही हैं। भवन की स्थिति जर्जर है। फर्श टूटा हुआ है। जंगला भी टूटा है। गांव में पोलियो की दवा पिलाते हुए मिली आंगनबाड़ी शकुंतला देवी ने बताया कि हमारे केंद्र में सात माह से तीन वर्ष तक के 48 बच्चे और तीन से छह वर्ष तक के 42 बच्चे पंजीकृत हैं। दो बच्चे कुपोषित हैं। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। धात्री महिलाएं 11 पंजीकृत हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्र तरकुलवां भटगांवा : समय सुबह 11:19 बजे
बच्चों का वजन और लंबाई नापती मिलीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजश्री और आसमा खातून गांव में भ्रमण कर बच्चों का वजन और लंबाई नाप रही थीं। राजश्री ने बताया कि उनके केंद्र में सात माह से तीन वर्ष के 47 और तीन वर्ष से छह वर्ष के 35 पंजीकृत हैं। नौ धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। चार बच्चे कुपोषित हैं। जिनकी स्थिति सामान्य है। आसमा खातून ने बताया कि उनके केंद्र में सात माह से तीन वर्ष के 45 और तीन वर्ष से छह वर्ष के 31 बच्चे पंजीकृत हैं। 16 धात्री और 9 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। दो बच्चे कुपोषित हैं, जो सामान्य स्थिति में हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्र जयश्री : समय सुबह 11:48 बजे
एक सहायिका पढ़ा रही थीं बच्चों को
आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित किया जा रहा है। केंद्र में सहायिका मीरा मौजूद थीं, जो उपस्थित 14 बच्चों को पढ़ा रही थीं। मीरा ने बताया कि केंद्र में उनके अलावा एक और सहायिका मीना और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम और सुनीता की तैनाती है, जो किसी कारण से नहीं आ सकी हैं। केंद्र में 3 से 6 वर्ष के 47 और सात माह से तीन वर्ष के 48 बच्चे पंजीकृत हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्र लालपुर, समय सुबह 12:12 बजे
भवन में ताला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर पर
आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय के एक भवन में संचालित किया जाता है। आंगनबाड़ी और सहायिका के उपस्थित नहीं होने के कारण केंद्र में ताला लटका मिला। विद्यालय में मौजूद शिक्षक के माध्यम से आंगनबाड़ी गीता पटेल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि केंद्र पर उनके अलावा एक सहायिका सुभावती की तैनाती है। सुबह केंद्र खुला था, लेकिन व्रत होने के चलते तबीयत खराब थी। लिहाजा समय से पहले केंद्र बंद कर घर चली गई हैं। केंद्र में तीन से छह वर्ष के 46 और सात माह से तीन वर्ष के 50 बच्चे पंजीकृत हैं।
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राष्ट्रीय पोषण माह में इन कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्देश
डीपीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह में स्कूलों में पोषण मेले, निबंध प्रतियोगिता, बच्चों के माध्यम से तिरंगे को बढ़ावा देने तथा इंद्रधनुष थाली बनवाने, पोषण वाटिका को बढ़ावा देने, पोषण रैली, जल संरक्षण गतिविधियां और रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अन्नप्राशन दिवस, किशोरी दिवस, सुपोषण दिवस और गोदभराई दिवस आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्देश है।
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3,164
आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिले में
2.31
लाख बच्चे पंजीकृत हैं छह माह से छह साल तक
54,933
गर्भवती और धात्री महिलाओं की संख्या है
68,265
है जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या
10,597
बच्चे हैं अति कुपोषित
14,666
है मैम बच्चों की संख्या
8,884
है सैम बच्चों की संख्या

हे राम! पोषण माह में ऐसा हाल

किसी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं मिली तो किसी में लटका मिला ताला

गांव में पोलियो ड्राप पिला रही थीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

पोषण माह में होने वाली गतिविधियां होती नहीं दिखीं

महराजगंज। सितंबर में राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, लेकिन सोमवार को सदर और निचलौल तहसील के चार आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल करने पर ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। कहीं सहायिका मिलीं तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नहीं। कहीं केंद्र बंद मिला तो कहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में पोलियो ड्राप पिलाते मिलीं। एक केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तबीयत खराब होने की वजह से घर चली गईं थीं। एक केंद्र पर सहायिका बरामदे में बैठी थीं। उन्हें नहीं पता था कि पोषण माह चल रहा है।

जिले में 3,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में छह माह से छह साल तक के कुल 2.31 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 68,265 बच्चे कुपोषित हैं। इसमें भी 10,597 बच्चे अति कुपोषित की श्रेणी में हैं। यदि पड़ताल किए गए चार आंगनबाड़ी केंद्रों जैसा ही हाल अधिकतर केंद्रों का होगा तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से पोषण माह मनाया जा रहा है।

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आंगनबाड़ी केंद्र पिपरपाती : समय सुबह 10:50 बजे

पोलियो की दवा पिलाती मिलीं कार्यकर्ता

आंगनबाड़ी केंद्र में एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। बरामदे में बैठी सहायिका विमलेश तिवारी ने बताया कि इस केंद्र में दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की तैनाती है। इस समय सभी गांव में पोलियो का ड्रॉप पिला रही हैं। भवन की स्थिति जर्जर है। फर्श टूटा हुआ है। जंगला भी टूटा है। गांव में पोलियो की दवा पिलाते हुए मिली आंगनबाड़ी शकुंतला देवी ने बताया कि हमारे केंद्र में सात माह से तीन वर्ष तक के 48 बच्चे और तीन से छह वर्ष तक के 42 बच्चे पंजीकृत हैं। दो बच्चे कुपोषित हैं। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। धात्री महिलाएं 11 पंजीकृत हैं।

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आंगनबाड़ी केंद्र तरकुलवां भटगांवा : समय सुबह 11:19 बजे

बच्चों का वजन और लंबाई नापती मिलीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजश्री और आसमा खातून गांव में भ्रमण कर बच्चों का वजन और लंबाई नाप रही थीं। राजश्री ने बताया कि उनके केंद्र में सात माह से तीन वर्ष के 47 और तीन वर्ष से छह वर्ष के 35 पंजीकृत हैं। नौ धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। चार बच्चे कुपोषित हैं। जिनकी स्थिति सामान्य है। आसमा खातून ने बताया कि उनके केंद्र में सात माह से तीन वर्ष के 45 और तीन वर्ष से छह वर्ष के 31 बच्चे पंजीकृत हैं। 16 धात्री और 9 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। दो बच्चे कुपोषित हैं, जो सामान्य स्थिति में हैं।

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आंगनबाड़ी केंद्र जयश्री : समय सुबह 11:48 बजे

एक सहायिका पढ़ा रही थीं बच्चों को

आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित किया जा रहा है। केंद्र में सहायिका मीरा मौजूद थीं, जो उपस्थित 14 बच्चों को पढ़ा रही थीं। मीरा ने बताया कि केंद्र में उनके अलावा एक और सहायिका मीना और दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम और सुनीता की तैनाती है, जो किसी कारण से नहीं आ सकी हैं। केंद्र में 3 से 6 वर्ष के 47 और सात माह से तीन वर्ष के 48 बच्चे पंजीकृत हैं।

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आंगनबाड़ी केंद्र लालपुर, समय सुबह 12:12 बजे

भवन में ताला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर पर

आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय के एक भवन में संचालित किया जाता है। आंगनबाड़ी और सहायिका के उपस्थित नहीं होने के कारण केंद्र में ताला लटका मिला। विद्यालय में मौजूद शिक्षक के माध्यम से आंगनबाड़ी गीता पटेल से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि केंद्र पर उनके अलावा एक सहायिका सुभावती की तैनाती है। सुबह केंद्र खुला था, लेकिन व्रत होने के चलते तबीयत खराब थी। लिहाजा समय से पहले केंद्र बंद कर घर चली गई हैं। केंद्र में तीन से छह वर्ष के 46 और सात माह से तीन वर्ष के 50 बच्चे पंजीकृत हैं।

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राष्ट्रीय पोषण माह में इन कार्यक्रमों को आयोजित करने का निर्देश

डीपीओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह में स्कूलों में पोषण मेले, निबंध प्रतियोगिता, बच्चों के माध्यम से तिरंगे को बढ़ावा देने तथा इंद्रधनुष थाली बनवाने, पोषण वाटिका को बढ़ावा देने, पोषण रैली, जल संरक्षण गतिविधियां और रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा अन्नप्राशन दिवस, किशोरी दिवस, सुपोषण दिवस और गोदभराई दिवस आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्देश है।

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3,164

आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिले में

2.31

लाख बच्चे पंजीकृत हैं छह माह से छह साल तक

54,933

गर्भवती और धात्री महिलाओं की संख्या है

68,265

है जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या

10,597

बच्चे हैं अति कुपोषित

14,666

है मैम बच्चों की संख्या

8,884

है सैम बच्चों की संख्या

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