Those Who Collected Extortion Were Sent To Jail In Gorakhpur – गोरखपुर: रंगदारी वसूलने वालों को जेल भेजा, चालकों का बयान दर्ज

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गोरखपुर में अवैध बस स्टैंड संचालित कर रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने की जांच तेज हो गई है। एसपी सिटी व सिटी मजिस्ट्रेट मंगलवार को स्टैंड गए और चालकों का बयान दर्ज किया।  

उधर, सोमवार को पकड़े गए दो आरोपियों प्रदीप सिंह और शिवा शुक्ला को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस नामजद दूसरे आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। मामले की जांच में कई और लोगों के नाम सामने आए हैं।

अवैध बस स्टैंड चलाने वालों के कारनामों की भी जानकारी मिली है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई व सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी सिंह मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब अवैध बस स्टैंड परिसर में पहुंचे थे। वहां पार्किंग में खड़ी बसों के चालकों व दुकानदारों से पूछताछ की।

इस दौरान कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय ने बयान दर्ज किया। पूछा कि बस खड़ी करने के लिए उनसे कितने रुपये लिए जाते हैं। पार्किंग के लिए कोई व्यक्ति स्टैंड का शुल्क तो नहीं लेता है।

गाड़ी चालक का बयान दर्ज करने के बाद एसपी सिटी ने पार्किंग का संचालन करने वालों को निर्देश दिया कि गेट पर रेट लिस्ट का बड़ा बोर्ड लगा दें। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा हो कि पार्किंग के लिए किस वाहन को कितना शुल्क देना है।
 

गोरखपुर यूनिवर्सिटी चौराहे के पास पार्किंग का ठेका हासिल कर अवैध रूप से बस स्टैंड संचालित कर वसूली करने के मामले में सोमवार को दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कैंट पुलिस ने तीन अलग-अलग तहरीर पर रंगदारी, मारपीट, वसूली, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। तहरीर के आधार पर दिव्यांशु कंस्ट्रक्शन के प्रदीप सिंह, मुकुंद सिंह, प्रदीप शर्मा, शिव शुक्ला को नामजद किया गया था। पांच अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि पार्किंग का ठेका लेकर अवैध स्टैंड संचालित कर रंगदारी वसूलने की जांच की जा रही है। जांच में कई लोगों के नाम और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। दो आरोपियों को जेल भेजा गया। अन्य की तलाश की जा रही है। पूरे प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस कार्रवाई करेगी।

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गोरखपुर में अवैध बस स्टैंड संचालित कर रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने की जांच तेज हो गई है। एसपी सिटी व सिटी मजिस्ट्रेट मंगलवार को स्टैंड गए और चालकों का बयान दर्ज किया।  

उधर, सोमवार को पकड़े गए दो आरोपियों प्रदीप सिंह और शिवा शुक्ला को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस नामजद दूसरे आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। मामले की जांच में कई और लोगों के नाम सामने आए हैं।

अवैध बस स्टैंड चलाने वालों के कारनामों की भी जानकारी मिली है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई व सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी सिंह मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब अवैध बस स्टैंड परिसर में पहुंचे थे। वहां पार्किंग में खड़ी बसों के चालकों व दुकानदारों से पूछताछ की।

इस दौरान कैंट इंस्पेक्टर शशिभूषण राय ने बयान दर्ज किया। पूछा कि बस खड़ी करने के लिए उनसे कितने रुपये लिए जाते हैं। पार्किंग के लिए कोई व्यक्ति स्टैंड का शुल्क तो नहीं लेता है।

गाड़ी चालक का बयान दर्ज करने के बाद एसपी सिटी ने पार्किंग का संचालन करने वालों को निर्देश दिया कि गेट पर रेट लिस्ट का बड़ा बोर्ड लगा दें। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा हो कि पार्किंग के लिए किस वाहन को कितना शुल्क देना है।

 

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