Up Police Constabel Manoj Kumar Transferred Who Wept Bitterly Over The Mess Food In Firozabad – Firozabad: मेस के भोजन को लेकर फूट-फूटकर रोने वाले सिपाही का हुआ तबादला, Adg के यहां से आया आदेश

फिरोजाबाद की पुलिस लाइन के मैस में मिलने वाले खाने पर सवाल खड़े करने वाले सिपाही मनोज कुमार का तबादला बुधवार को गाजीपुर कर दिया गया। इसके साथ जिले में तैनात 19 पुलिसकर्मियों के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही मनोज कुमार ने पुलिस लाइन से मिलने वाले खाने पर सवाल खड़े करते हुए भोजन की थाली लेकर हाईवे पर प्रदर्शन किया था, जिसको लेकर विभागीय अफसरों में हड़कंप मचा हुआ था। इस दरम्यान खाने की जांच के आदेश जारी होने के साथ ही सिपाही मनोज को अवकाश पर भेज दिया गया। यह मामला मीडिया में काफी सुर्खियों में बना रहा। 

खाने की थाली लेकर रोते हुए सिपाही का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसको लेकर सिपाही का तबादला फिरोजाबाद पुलिस लाइन से गाजीपुर कर दिया गया है। एसपी ग्रामीण कुमार रणविजय सिंह का कहना है कि सिपाही मनोज के तबादले का पत्र अपर पुलिस अधीक्षक स्थापना, अपर पुलिस महानिदेशक राहुल मिश्रा के यहां से जारी हुआ है जो प्राप्त हो गया है। इसके साथ ही एसएसपी आशीष तिवारी ने पुलिस विभाग की विभिन्न सेलों में तैनात 19 पुलिसकर्मियों के कार्य क्षेत्र में मंगलवार रात परिवर्तन कर दिया।

पुलिस कार्यालय के सम्मन सेल में तैनात सिपाही मनोज कुमार ने मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाया था। इस दौरान सिपाही फूट-फूटकर रोया। उसने कहा कि वह दो दिन से भूखा है, लेकिन कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। मेस में ऐसा भोजन मिल रहा है, जिसे कोई खा नहीं सकता। जब भरपेट खाना ही नहीं मिलेगा तो कैसे ड्यूटी होगी।

मनोज ने सोशल मीडिया के साथ कई अधिकारियों को भी मेस से मिलने वाला खाने की फोटो और वीडियो ट्विटर किए थे। बताया ये भी गया था कि मनोज ने इससे पहले भी कई बार खाने को लेकर सवाल अंदरखाने में उठाए था, लेकिन विभाग ने उसे सार्वजनिक नहीं होने दिया, लेकिन इस बार सिपाही मेस से भोजन की थाली लेकर हाईवे पर आ गया था। 

सिपाही मनोज ने हाईवे के डिवाइडर पर बैठकर थाली से रोटी उठाकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए। लोगों को रोटी दिखाते हुए सिपाही ने कहा कि इस रोटी को जानवर भी नहीं खा सकते हैं… ऐसी रोटी हमें परोसी जा रही है। 

 

सिपाही मनोज खुल के बोल रहा था कि कई बार उसने पुलिस अधिकारियों से भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया।

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