Yoga Habits For Overall Health And Wellness, Yoga For Children In Hindi – Yoga Tips: बचपन से ही योग की आदत बनाना बेहतर जीवन गुणवत्ता में सहायक, बच्चों को जरूर कराएं ये अभ्यास

योग के अभ्यास की आदत संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए सहायक मानी जाती है। कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के शिकार लोगों को योग के नियमित अभ्यास से लाभ प्राप्त हुआ है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोग योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाकर स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं, हालांकि यदि बचपन से ही अभ्यास की आदत बनाई जाए तो न ये सिर्फ रोग-विकारों को कम करने में मददगार है, साथ ही इससे जीवन की गुणवत्ता को भी ठीक रखने में मदद मिल सकती है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं बचपन से ही योग के अभ्यास की आदत बनाना मानसिक और शारीरिक विकास को तेज करने का सबसे कारगर तरीका हो सकता है। जो बच्चे नियमित योग का अभ्यास करते हैं उनमें मोटापा की समस्या कम देखी गई है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए वजन को नियंत्रित बनाए रखना बहुत आवश्यक माना जाता है। कम उम्र से योग को दिनचर्या में शामिल करने से मानसिक स्वास्थ्य लाभ और बौद्धिक क्षमता में विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि सभी बच्चों के लिए रोजाना किन योगासनों के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ आवश्यक और लाभकारी मानते हैं?

सर्वांगासन योग से मिलता है लाभ

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि सर्वांगासन योग  के नियमित अभ्यास की आदत बनाना बच्चों को कई प्रकार के स्वास्थ्यलाभ देने में सहायक हो सकती है। मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर उसे पोषण देने के साथ हाथ और पैर को मजबूत करने, रीढ़ की हड्डी को लचीला रखने और मोटापे के जोखिम को कम करने में इस योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है।  सर्वांगासन योग का अभ्यास बच्चों की बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका हो सकता है।

वृक्षासन योग से मिलता है लाभ

वृक्षासन योग संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में बच्चों के लिए कारगर माना जाता है। हाथों और पैरों को टोन करने के साथ यह आसन पीठ को मजबूत करने में मदद करती है। इस योग के अभ्यास से कम हाइट की समस्या को दूर करने में लाभ मिल सकता है। वृक्षासन योग एकाग्रता शक्ति और ध्यान को बढ़ाने के साथ मन-शरीर संतुलन को बेहतर बनाने में मदद करता है। बच्चों को नियमित रूप से इस योग का अभ्यास जरूर करना चाहिए। 

सूर्य नमस्कार के अभ्यास

सूर्य नमस्कार कई प्रकार के अति प्रभावी योगासनों का सामंजस्य माना जाता है जो तंत्रिका तंत्र को आराम देने के साथ रक्त संचरण के बढ़ाने और मांसपेशियों की शक्ति बनाने में सहायक माना जाता है। पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने के साथ शारीरिक लचीलेपन बढ़ाने और याददाश्त में सुधार करने के लिए इस योग का अभ्यास करना लाभकारी माना जाता है। सूर्य नमस्कार के विभिन्न आसनों का हर दिन अभ्यास की आदत बनाना बच्चों के संपूर्ण विकास और पोषण के लिए सहायक होता है। 

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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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